सीएम हेमंत सोरेने की कुर्सी बचेगी या चली जाएगी, झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस लेंगे फैसला
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की कुर्सी पर संकट के बादल गहरा गए हैं। यह स्थिति उनकी विधानसभा सदस्यता पर उठ रहे संशय को लेकर है

झारखंड।। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की कुर्सी पर संकट के बादल गहरा गए हैं। यह स्थिति उनकी विधानसभा सदस्यता पर उठ रहे संशय को लेकर है। इस इस पर अंतिम फैसला छत्तीसगढ़ के 7 बार लोकसभा के सांसद और केन्द्रीय मंत्री रह चुके रमेश बैस यानी झारखंड के राज्यपाल को लेना है। जानकारी के अनुसार भारत निर्वाचन आयोग ने सीएम को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 9 (ए) के तहत दोषी मानते हुए उन्हें विधायक के पद से अयोग्य किए जाने का मंतव्य राज्यपाल रमेश बैस को सौंप दिया है।

इसे आयोग के विशेष दूत ने गुरुवार सुबह राजभवन को सौंपा। निजी कारणों से दिल्ली में होने के कारण राज्यपाल दोपहर दो बजे रांची पहुंचे। सूत्रों के अनुसार राज्यपाल आयोग के मंतव्य के वैधानिक पहलुओं का अध्ययन करा रहे हैं। संभावना जतायी जा रही है कि मंतव्य के अनुसार गवर्नर अपना फैसला शुक्रवार को दे सकते हैं। संवैधानिक प्रावधान के अनुसार गवर्नर के लिए चुनाव आयोग का मंतव्य मानना बाध्यकारी है।




