भूपेश सरकार की बेरूखी, ग्रामीण साल बीज को औने पौनै दाम में बेचने पर मजबूर
छत्तीसगढ़ के प्रमुख वनोपज में से एक साल के बीज संग्रह का सही दाम ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है
AINS NEWS…राजेश यादव अंतागढ़….छत्तीसगढ़ के प्रमुख वनोपज में से एक साल के बीज संग्रह का सही दाम ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। जंगल की तमाम कठिनाइयों और जद्दोजहद कर संग्रह किए गए इन बीजों को ग्रामीण व्यापारियों व बिचौलियों को औने पौनै दाम में बेचने को मजबूर हैं। खास बात यह है कि सरकार की ओर से बीज का दाम 18 से 20 रुपये तय किया गया है। लेकिन सरकार द्वारा बीज नहीं खरीदने के चलते बिचौलिए कमा रहे हैं और ग्रामीण ठगी का शिकार बन रहे हैं। यह बात नगर पंचायत अध्यक्ष राधे लाल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कही

उन्होने वर्तमान कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि अंतागढ़, कोयलीबेड़ा, आमाबेड़ा वन परिक्षेत्र अंतर्गत आने वाले समस्त ग्रामों के ग्रामीणो द्वारा प्रति वर्ष साल बीज का संग्रहण किया जाता है । जिसे शासन द्वारा खरीदी किया जाता है। ‘लेकिन पहली बार है,वर्तमान कांग्रेस सरकार द्वारा साल बीज का ग्रेड निर्धारण कर दो श्रेणी में रखा गया है। जो कि संग्रहको को परेशान करने के लिए है अपने-आप को किसानों व ग्रामीणों के शुभ चिंतक कहने वाले भूपेश सरकार द्वारा नये नये नियम कायदे लागू कर सिर्फ परेशान किया जा रहा है, ग्रामीणों द्वारा संग्रहित साल बीज को बेचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इधर बोला जा रहा है कि लक्ष्य पूरा हो चुका है इसलिए खरीदी बंद कर दिया गया है। जबकि शासन के द्वारा कहीं पर भी किसी भी प्रकार के साल बीज खरीदी किया ही नहीं गया है। इस वर्ष वन क्षेत्र के ग्रामीणों ने बहुतायत मात्रा में साल बीज का संग्रहण कर रखा है। लेकिन वर्तमान सरकार द्वारा ग्रामीणों की समस्या को नजरअंदाज करते हुए खरीदी नहीं किया जा रहा है,
जिसके चलते मजबूरी वश बिचौलियों के पास औने पौने दाम में बेचने कि लिए विवश हो रहे हैं अत: हमारे शासन से मांग है की ग्रामीणों द्वारा संग्रहित की गई संपूर्ण साल बीज को तत्काल खरीदा जाए।



