राष्ट्रीय

समान काम समान वेतनः अतिथि व्याख्याताओं ने किया विरोध प्रदर्शन

जॉब नहीं तो वोट नहीं’ का गूंजा नारा

ग्वालियर। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव जैसे जैसे नजदीक आ रहा है वैसे वैसे चुनावी माहौल गरमाते जा रहा है। इसी कड़ी में ग्वालियर के महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज में अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अतिथि व्याख्याताओं प्रदर्शन कर रहा है। इसके साथ ही “जॉब नहीं तो वोट नहीं” का नारा गूंजा।

दरअसल पॉलिटेक्निक अतिथि व्याख्याता संघ मध्यप्रदेश ने मांग की है कि शासन तकनीकी शिक्षा कौशल विकास और रोजगार विभाग से संबंधित 69 शासकीय, स्वशासी, महिला और अनुदान प्राप्त करें। पॉलिटेक्निक कॉलेज के साथ ही पांच इंजीनियरिंग कॉलेज में 20 सालों से कार्यरत लगभग एक हजार अतिथि व्याख्याताओं के साथ न्याय नहीं हो रहा है।

उन्हें AICTE नियम अनुसार संस्था में शैक्षणिक, परीक्षा, मूल्यांकन, प्रवेश प्रक्रिया, रैगिंग कमेटी, निर्वाचन सहित अन्य प्रशासनिक कार्य कराए जा रहे है। वर्तमान में 27 जनवरी 2022 के आदेश से फ्रेशर अतिथि व्याख्याताओं को 30 हजार फिक्स मानदेय दिया जा रहा है, जबकि वर्षों से कार्यरत व्याख्याताओं को 30 जून 2018 से निरंतर 11 माह की अनुबंधात्मक नियुक्ति के आधार पर 400 रुपए प्रति लेक्चर देता है।

उनका शोषण और अन्याय पूर्ण व्यवस्था को दर्शाता है, समान योग्यता और समान कार्य के लिए एक विभाग में ही दो अलग-अलग वेतनमान देना गलत है। यही वजह है कि पॉलिटेक्निक अतिथि व्याख्याता ने अपनी पांच सूत्रीय मांगों को पूरा करने के लिए अब यह आंदोलन शुरू कर दिया है।

यह है 5 सूत्रीय मांगे

  • वर्तमान में 400 रुपए प्रति कालखंड में कार्यरत अतिथि व्याख्याताओं का डाटा DTE पोर्टल पर सार्वजनिक कर 12 माह फिक्स न्यूनतम मानदेय दिया जाए।
  • वर्तमान में कार्यरत अतिथि व्याख्याता को 65 वर्ष की आयु सीमा तक स्थायित्व दिया जाएं।
  • महिला अतिथि व्याख्याताओ को अवैतनिक मातृत्व अवकाश प्रदान किया जाएं।
  • भविष्य में होने वाली नियमित भर्ती में 50% पद अतिथि व्याख्याताओं के लिए आरक्षित किए जाएं।
  • फॉलेन आउट अतिथि व्याख्याताओं को शीघ्र नियुक्त कर अन्य विभागीय कार्य लिए जाएं।

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