चार माह से वेतन ही नही मिला रसोईया कर्मियों को, वेतन वृद्धि घोषणा ही रह गई : नीलू ओगरे
रसोईया को पूर्व सरकार यदि वृद्धि राशि प्रदान कर देती तो उनका वेतन 2300 रु मासिक वर्तमान में होता

AINS NEWS 24X7….. छत्तीसगढ़ के 87 हजार 5 सौ रसोईया जिन्हें वर्तमान में 1500 मासिक वेतन मिल रहा है। पूर्व सरकार ने 800 रु की वेतन वृद्धि की जो घोषणा की थी। वह घोषणा, घोषणा ही रह गई। भाजपा के मोदी गारेंटी में रसोईया वेतन में 50% वृद्धि का वादा किया गया था।

रसोईया के साथियो ने रायपुर में नीलू ओगरे प्रान्त प्रमुख के नेतृव में विधानसभा अध्यक्ष महोदय रमन सिंह जी से मुलाकात कर इसे 100 दिन के भीतर लागू करने का अनुरोध किया । जिस पर महोदय ने तत्काल निज सचिव को बुलाकर इस पर उचित कार्यवाही हेतु निर्देश दिया। साथ ही विगत चार माह से वेतन भुगतान न होने की शिकायत भी रसोईया संघ ने रखा।
रसोईया संघ ने लिखित अनुरोध में कहा एक साथ 50% वृद्धि संभव न होतो जो शुरुवाती वृद्धि 100 दिन के भीतर संभव हो उसे लागू करने का निवेदन किया है।
रसोईया को पूर्व सरकार यदि वृद्धि राशि प्रदान कर देती तो उनका वेतन 2300 रु मासिक वर्तमान में होता। इसके 50% वृद्धि में लगभग 1150 रु मासिक वेतन वृद्धि संभव थी। इससे कोष में मात्र मासिक 10 करोड़ सवा 6 लाख का वित्तीय भार आना है। डॉ रमन सिंह विधानसभा अध्यक्ष, उप मुख्यमंत्री अरुण साव जी, विजय शर्मा जी , सहित कद्दावर मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, ओपी चौधरी जी से भी मुलाकात कर यह ज्ञापन सौंपा। इसके अलावा रसोईया संघ ने समस्त भाजपा के विधायकों से मुलाकात कर उन्हें बधाई दी। अपनी मांग से अवगत करवाया।




