आईपीएस अरुण देव गौतम होंगे छत्तीसगढ़ के प्रभारी ड़ी जी पी, हटाये जाएंगे अशोक जुनेजा
2027 तक डी ज़ी पी रहेंगे अरुण देव गौतम

2 जुलाई 1967 का जन्मदिन है आईपीएस अरुण देव गौतम का, 2027 तक रहेंगे डी जी पी

AINS NEWS… छत्तीसगढ़ कैडर के 1992 बैच के आईपीएस अरुण देव गौतम छत्तीसगढ़ के प्रभारी डीजीपी होंगे। उत्तर प्रदेश के रहने वाले आईपीएस अरुण देव गौतम छत्तीसगढ़ में कई महत्वपूर्ण पदों में रहे हैं, वर्तमान में वे गृह जेल एवं परिवहन विभाग के सचिव भी हैं। अच्छे कामों के चलते उन्हें संयुक्त राष्ट्र पदक व राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया है। एमफिल की डिग्री लेने के बाद वे आईपीएस बने, अरुण देव गौतम यूपीएससी निकालकर 1992 बैच के आईपीएस बने, 12 अक्टूबर 1992 को उन्होंने आईपीएस की सर्विस ज्वाइन की।
उन्हें मध्य प्रदेश कैडर अलॉट हुआ, प्रशिक्षु आईपीएस के तौर पर उनकी जबलपुर में पोस्टिंग हुई, फिर वे बिलासपुर जिले के सीएसपी बने, बिलासपुर के बाद एसडीओपी कवर्धा बनाए गए, कवर्धा के बाद एडिशनल एसपी भोपाल बने, मध्य प्रदेश पुलिस की 23वीं बटालियन के कमांडेंट भी रहे, एसपी के रूप में पहला जिला उन्हें भोपाल का मिला। छत्तीसगढ़ में वे कोरिया, रायगढ़, जशपुर, राजनांदगांव, सरगुजा और बिलासपुर जिले के डीएसपी रहे। डीआईजी बनने के बाद अरुण देव गौतम पुलिस हैडक्वाटर में सीआईडी, वित्त, योजना प्रशासन और मुख्यमंत्री सुरक्षा के महत्वपूर्ण विभागों में पदस्थ रहे।
आईजी के पद पर प्रमोशन मिलने के बाद वे छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स के प्रभार में रहे फिर बिलासपुर रेंज के आईजी बने झीरम नक्सली हमले में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौत के बाद अरुण देव गौतम को बस्तर आईजी बनाकर भेजा गया, इसके कुछ ही माह बाद नवंबर 2013 में विधानसभा के चुनाव हुए, सफलतापूर्वक चुनाव करवाने में अरुण देव गौतम की भूमिका रही और वोटिंग प्रतिशत में भी काफी इजाफा हुआ। अरुण देव गौतम को संयुक्त राष्ट्र पदक के अलावा सराहनी सेवाओं के लिए वर्ष 2010 में भारतीय पुलिस पदक और 2018 में विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित भी किया गया। वर्ष 2002 में संघर्षरत कोसोवा में सेवा देने के लिए अरुण देव गौतम को संयुक्त राष्ट्र पदक भी प्रदान किया गया।




