मुठभेड़ में 16 नक्सली ढेर, सुकमा-दंतेवाड़ा सीमा पर स्थित केरलापाल के जंगलों में हुई मुठभेड़
सुबह करीब 8 बजे केरलापाल पुलिस थाना क्षेत्र के जंगल में गोलीबारी शुरू हुई

AINS NEWS… छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में हुई एक बड़ी घटना की, जहाँ सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ एक ऑपरेशन को अंजाम दिया। 29 मार्च 2025 को सुकमा-दंतेवाड़ा सीमा पर स्थित केरलापाल के जंगलों में हुई इस मुठभेड़ में 16 नक्सली ढेर कर दिए गए। यह साल 2025 में नक्सलियों के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक है।
बस्तर क्षेत्र के पुलिस अधिकारियों को एक पुख्ता खुफिया सूचना मिली कि सुकमा के केरलापाल इलाके में नक्सलियों का एक बड़ा समूह मौजूद है। सूचना मिलते ही डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड यानी DRG और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल यानी CRPF की टीमों ने तुरंत योजना बनाई। रात के अंधेरे में ही जवान जंगल की ओर बढ़ गए, क्योंकि नक्सलियों को भनक लगने से पहले ऑपरेशन को अंजाम देना जरूरी था।

29 मार्च की सुबह, जब सूरज की पहली किरणें जंगल में पहुंचीं, तभी सुरक्षाबलों का नक्सलियों से आमना-सामना हो गया। सुकमा के पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने बताया कि सुबह करीब 8 बजे केरलापाल पुलिस थाना क्षेत्र के जंगल में गोलीबारी शुरू हुई। नक्सलियों ने पहले फायरिंग की कोशिश की, लेकिन जवान पहले से तैयार थे। जवानों ने तुरंत मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी।
यह मुठभेड़ कई घंटों तक चली। जंगल का इलाका इतना घना था कि दोनों तरफ से रुक-रुक कर फायरिंग होती रही। नक्सलियों ने अपनी पोजीशन बचाने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षाबलों की रणनीति के आगे वे टिक नहीं पाए। बस्तर के आईजी सुंदरराज पी. ने बताया कि इस ऑपरेशन में 16 नक्सलियों के शव बरामद किए गए। इसके साथ ही बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी जब्त किया गया, जिसमें AK-47, INSAS राइफल्स, और रॉकेट लॉन्चर जैसे घातक हथियार शामिल थे।
इस ऑपरेशन में दो जवान भी घायल हुए। ये जवान DRG के थे और इन्हें मामूली चोटें आईं। घायल जवानों को तुरंत इलाज के लिए हॉस्पिटल ले जाया गया और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
बस्तर आईजी के मुताबिक, साल 2025 में अब तक 132 नक्सली मारे जा चुके हैं। इसमें से 81 की मौत इसी साल के पहले तीन महीनों में हुई है। अगर हम पिछले हफ्ते की बात करें, तो 20 मार्च को बीजापुर-दंतेवाड़ा सीमा पर 26 नक्सलियों को मार गिराया गया था। और अब सुकमा में 16 नक्सलियों का खात्मा। ये आंकड़े बताते हैं कि सुरक्षाबल नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने की दिशा में तेजी से बढ़ रहे हैं।
मुठभेड़ के बाद जब सुरक्षाबलों ने इलाके की तलाशी ली, तो उन्हें नक्सलियों के पास से भारी मात्रा में हथियार मिले। इसमें एके-47 जैसा खतरनाक हथियार भी शामिल था, जो दर्शाता है कि नक्सली किसी बड़े हमले की तैयारी में थे। इसके अलावा विस्फोटक सामग्री और रॉकेट लॉन्चर की बरामदगी से यह साफ हो गया कि वे सुरक्षाबलों और आम नागरिकों के लिए बड़ा खतरा बन सकते थे।




