बुलडोजर चलाकर भाजपा ने दिखाई तानाशाही, युवाओं की आवाज दबाने के लिए कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने भेजा जेल
फूड कोड छात्रों की चर्चा, अध्ययन और संवाद का केंद्र था—राजनीतिक अहंकार में सरकार ने किया नष्ट

AINS NEWS… यूथ हब फूड कोड को शिफ्टिंग किए जाने को लेकर कांग्रेस भवन गांधी मैदान में एक महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता आयोजित की गयी जिसमे पूर्व विधायक विकास उपाध्याय सहित कांग्रेस के तमाम नेता मौजूद थे, काँग्रेस नेताओं ने यूथ हब फूड कोड को हटाने की भाजपा सरकार की कार्रवाई का कड़ा विरोध किया।

पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने आरोप लगाते हुए कहा कि जो विधायक दसवीं पास नहीं है, उसे यूथ हब फूड कोड की न तो समझ है और न ही युवाओं की जरूरतों का अंदाजा।
उन्होंने कहा कि साइंस कॉलेज मैदान के सामने संचालित यूथ हब फूड जोन छात्रों और युवाओं के लिए चर्चा, बैठकों और संवाद का प्रमुख केंद्र रहा है। यह क्षेत्र यूनिवर्सिटी और कॉलेज से घिरा हुआ है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं बैठकर अध्ययन, बातचीत और समय व्यतीत करते हैं। भाजपा विधायक राजेश मुणत की हठधर्मिता के कारण इस फूड कोड को दूसरी जगह शिफ्ट किया जा रहा है, जिससे युवाओं की सुविधा छिन रही है।
विकास उपाध्याय ने बताया कि विरोध स्वरूप कांग्रेस नेता रातभर फूड कोड में बैठकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। लेकिन सुबह निगम का अमला पहुंचा और बिना किसी ठोस कारण के दुकानों को तोड़ने बुलडोजर चलाया गया। इस कार्यवाही का कांग्रेस नेताओं ने जमकर विरोध किया, जिसके बाद विरोध कर रहे नेताओं को पुलिस ने जबरन जेल भेज दिया।

पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार का यह कोई नया रवैया नहीं है।उन्होंने बताया कि ठीक इसी तरह खालसा स्कूल के सामने वर्षों से व्यवस्थित रूप से चल रही दुकानों को भी भाजपा सरकार ने बेरहमी से तोड़ दिया था। उस समय तत्कालीन कलेक्टर वर्तमान मंत्री ओ.पी. चौधरी थे और नगरी प्रशासन मंत्री वर्तमान विधायक राजेश मूणत थे।इन दोनों की कार्यवाही के कारण खालसा स्कूल के सामने की सभी दुकानें उजाड़ दी गईं। आज भी वे दुकानदार दर दर भटक रहे हैं कई दुकानदार लचर व्यवस्था के चलते आर्थिक तंगी में टूट गए, कुछ तो अपनी आजीविका छिनने की पीड़ा में इस दुनिया से भी चले गए। विकास उपाध्याय ने कहा कि भाजपा की यही दमनकारी मानसिकता आज दोबारा यूथ हब फूड कोड पर दोहराई जा रही है।
कांग्रेस नेताओं ने इसे युवाओं पर सीधा हमला बताते हुए कहा कि भाजपा सरकार और उसके जनप्रतिनिधि युवाओं की आवाज दबाने का काम कर रहे हैं।
कांग्रेस ने स्पष्ट कहा कि युवाओं के अधिकार, सुविधाएं और उनके स्पेस पर किसी भी तरह का हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कांग्रेस ने मांग की कि फूड कोड को तत्काल पुनः स्थापित किया जाए और छात्रों की सुविधाओं में कटौती करने वाले निर्णय को वापस लिया जाए।
इस दौरान शहर अध्यक्ष गिरीश दुबे पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा पूर्व महापौर प्रमोद दुबे पंकज शर्मा कन्हैया अग्रवाल आकाश शर्मा आकाश तिवारी श्री कुमार मेनन नागभूषण राव सुंदर जोगी सतनाम पनाग बंशी कन्नौजे इंद्रजीत राजपूत जी श्रीनिवास प्रमुख रूप से उपस्थित थे।




