फर्जी इनकम टैक्स अधिकारी बनकर छापेमारी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश
इनकम टैक्स विभाग का अधिकारी बताकर बिना किसी पहचान पत्र एवं बिना वैध तलाशी वारंट के प्रार्थी के घर जबरन घुस आए

AINS NEWS… प्रार्थी दिलीप राठौर पिता स्व. बाबूलाल राठौर, उम्र 67 वर्ष, निवासी रत्नाबांधा धमतरी द्वारा दिनांक 12.12.2025 को थाना सिटी कोतवाली में लिखित आवेदन प्रस्तुत कर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि दिनांक 17.11.2025 को लगभग 11.30 बजे 06-07 व्यक्ति स्वयं को इनकम टैक्स विभाग का अधिकारी बताकर बिना किसी पहचान पत्र एवं बिना वैध तलाशी वारंट के प्रार्थी के घर जबरन घुस आए। आरोपियों ने लगभग 02 से 02.30 घंटे तक घर के सभी कमरों, दराजों, आलमारियों एवं लॉकर की तलाशी ली तथा प्रार्थी को घर से बाहर निकलने नहीं दिया। तलाशी में कुछ न मिलने पर आरोपी दो कारों में बैठकर फरार हो गए।

जिसकी रिपोर्ट पर धाना सिटी कोतवाली द्वारा तत्काल अप.क्र. 327/25 धारा 204, 319(2), 331(3), 61(2), 3(5) भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
मामले की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए एसपी धमतरी श्री सूरज सिंह परिहार के निर्देशन में अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया। सायबर सेल के सहयोग से तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर टीमों को नागपुर (महाराष्ट्र), दुर्ग रायपुर एवं बालोद, दल्लीराजहरा (छत्तीसगढ़) की ओर आरोपियों की तलाश हेतु रवाना किया गया। निरंतर प्रयास एवं तकनीकी विश्लेषण के आधार पर सभी आरोपियों को अभिरक्षा में लेकर धमतरी लाया गया।
आरोपियों से गहन पूछताछ की गई, जिसमें आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्हें प्रार्थी के घर में 200 करोड़ रुपये रखें होने की सूचना प्राप्त हुई थी। इसी सूचना के आधार पर आरोपियों ने आपस में संपर्क कर सुनियोजित षडयंत्र रचते हुए फर्जी इनकम टैक्स टीम का गठन किया और घटना को अंजाम दिया। जिसमें प्रार्थी द्वारा घटना में शामिल आरोपियों की विधिवत सही पहचान की गई।
आरोपियों के पृथक पृथक मेमोरेण्डम कथन के आधार पर घटना में प्रयुक्त चार पहिया वाहन (टाटा सफारी स्विफ्ट डिजायर एवं स्टिफ्ट कार), आपसी संपर्क में प्रयुक्त मोबाइल फोन तथा नकदी रखने हेतु प्रयुक्त जूट बोरी को विधिवत गवाहों के समक्ष जप्त किया गया।
आरोपियों के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध होने पर आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायो रिमांड पर भेजा जा रहा है।




