अपने लिए नहीं अपनों के लिए आया हूं सिनेमा में, फिल्म निर्माता गणेश गुप्ता
6 फरवरी को आ रही फिल्म मंगलसूत्र

AINS NEWS… कवर्धा जिले के पोंड़ी गांव में रहने वाले गणेश गुप्ता कई तरह के व्यवसाय से जुड़े हैं, लेकिन उन्हें छत्तीसगढ़ी सिनेमा ने आकर्षित किया और वे कूद पड़े फिल्म निर्माण के क्षेत्र में। उनका मानना है कि इंसान के जीवन में सिर्फ एक तरह की कहानी नहीं होती बल्कि कई तरह की कहानी लिए इंसान अपनी जिंदगी गुजर बसर करता है। उन्होंने बताया कि अब तक की छत्तीसगढ़ी फिल्मों में सिर्फ लव, रोमांस और मारधाड़ से भरी फिल्में ही बनती आ रही है। वह चाहते हैं कि दर्शकों को अलग-अलग टेस्ट की फिल्में देखने को मिले तभी छत्तीसगढ़ी सिनेमा को एक मुकाम हासिल होगा।

अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत में ही गणेश गुप्ता ने चार फिल्में बना ली है और यह काम लगातार जारी है अभी उनकी मंगलसूत्र, लूट लपाटा, जंतर मंतर और मदारी लगभग बन कर तैयार है। मंगलसूत्र के रिलीज के बाद यह फिल्में भी सिनेमाघर में प्रदर्शित की जाएगी।
मूलतः ट्रांसपोर्ट व्यवसाय और खेती किसानी से जुड़े गणेश गुप्ता ने कहा कि छत्तीसगढ़ी सिनेमा को फिल्मों की नहीं बल्कि फिल्म निर्माताओं की जरूरत है, जब फिल्म निर्माता ही नहीं रहेंगे तो फिल्में कैसे बनेंगी और छत्तीसगढ़ी सिनेमा का विकास कैसे होगा।

निर्माता गणेश गुप्ता ने बताया कि उनका ड्रीम प्रोजेक्ट “सीजी बॉयज” एक कॉलेज की कहानी पर आधारित फिल्म है जिसमें दिखाया जाएगा की कैसे पढ़ाई लिखाई के बोझ को लेकर इंसान उच्च शिक्षा हासिल करता है और जब वह किसी मुकाम पर पहुंचता है तो वही बोझ उसे अच्छा लगने लगता है।
इस फिल्म के बाद उनकी एक और छत्तीसगढ़ी फिल्म “वरमाला” भी फ्लोर पर जाने वाली है। कुल मिलाकर फिल्म निर्माता गणेश गुप्ता अब ठहरने वाले नहीं है वह लगातार फिल्मों का निर्माण करते रहेंगे और दूसरे निर्माता को भी प्रोत्साहित करते रहेंगे उनका मकसद फिल्म विद्या से जुड़े लोगों को लगातार रोजगार देना भी है।




