वर्षों से लंबित विद्युतिकरण कार्य को लेकर आदिवासी अंचल में जबरदस्त आक्रोश, मुख्य मार्ग पर अनिश्चितकालीन चक्काजाम शुरू
चक्काजाम में हजारों की संख्या में आदिवासी महिला-पुरुष, युवा और बुजुर्ग शामिल

AINS NEWS गरियाबंद… जिले के मैनपुर विकासखंड अंतर्गत राजापड़ाव क्षेत्र की पाँच ग्राम पंचायतों—भुतवेडा, कुचेंगा, कोकड़ी, गरहाडीह एवं गौरगांव—के पराटोला एवं आश्रित ग्रामों में वर्षों से लंबित विद्युतिकरण कार्य को लेकर आदिवासी अंचल में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला। शासन-प्रशासन की लगातार अनदेखी से क्षुब्ध ग्रामीणों ने सोमवार को NH-130 सी में, राजापड़ाव मुख्य मार्ग पर अनिश्चितकालीन चक्काजाम शुरू कर दिया, जिससे क्षेत्र में यातायात पूरी तरह ठप हो गया।

जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम और लोकेश्वरी नेताम के नेतृत्व में आयोजित इस चक्काजाम में हजारों की संख्या में आदिवासी महिला-पुरुष, युवा और बुजुर्ग शामिल हुए। सुबह से ही सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यात्रियों और मालवाहक वाहनों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा, जिससे आमजन को भारी परेशानी हुई।
ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के 78 वर्षों बाद भी क्षेत्र के कई पराटोला और आश्रित ग्राम आज तक अंधेरे में जीवन जीने को मजबूर हैं। विद्युतीकरण कार्य की स्वीकृति पूर्व में मिल चुकी थी और कार्य प्रारंभ भी हुआ था, लेकिन वर्ष 2013 के बाद इसे अचानक रोक दिया गया। इसके बाद लगातार पत्राचार, ज्ञापन और आंदोलन की चेतावनी के बावजूद शासन-प्रशासन की ओर से केवल आश्वासन ही मिले, जबकि जमीनी स्तर पर कार्य आगे नहीं बढ़ सका।

चक्काजाम स्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि बिजली के अभाव में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। रोजगार के अवसर, सिंचाई व्यवस्था और लघु उद्योग ठप पड़े हैं। स्वास्थ्य, सुरक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं पर भी गंभीर असर पड़ रहा है, जिससे शासन-प्रशासन के प्रति आमजन का भरोसा कमजोर होता जा रहा है।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन एक सूत्रीय मांग तत्काल विद्युतिकरण को लेकर है और इस बार आर-पार की लड़ाई है। वहीं जिला पंचायत सदस्य लोकेश्वरी नेताम ने कहा कि जब तक कार्य मौके पर शुरू नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
इधर, प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर बातचीत का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन आंदोलनकारी ठोस कार्रवाई से कम पर मानने को तैयार नहीं हैं।




