दुर्ग

दुर्ग में अफ्रीकन स्वाइन फीवर, सैकड़ों सुअर मारे गए, 82 सुअर को जहर देकर मारा गया

1 किलोमीटर इफेक्टेड तो वहीं 10 किलोमीटर क्षेत्र सर्वेलेंस घोषित

AINS NEWS… दुर्ग के मुड़पार गाँव में अफ्रीकन स्वाइन फ्लू फैलने से हड़कंप मच गया है। 1 अप्रैल से गाँव के एक सुअर फार्म में सुअरों की मौत का सिलसिला शुरू हुआ। धीरे-धीरे यह संख्या बढ़ती गई और कुल 250 से अधिक सुअर तड़प-तड़पकर दर्दनाक मौत मर गए।

फार्म मालिक ने वेटेनरी विभाग को इसकी सूचना दी, तब दुर्ग जिले के वेटेनरी विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुँची। अधिकारियों ने PPE किट पहनकर जांच की और सैंपल कलेक्ट कर जाँच रिपोर्ट भेजा गया। 2 अप्रैल को ही वेटेनरी विभाग ने सैंपल लेकर भोपाल स्थित ICAR के राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान भेज दिए। रिपोर्ट 6 अप्रैल को आई, जिसमें सभी सैंपल पॉजिटिव पाए गए। जिसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की गई।

चूँकि अफ्रीकन स्वाइन फीवर का कोई इलाज या टीका उपलब्ध नहीं है और इस बीमारी में संक्रमित जानवरों की मृत्युदर लगभग 100 प्रतिशत होती है, इसलिए विशेषज्ञों की सलाह पर बचे हुए 82 सुअरों को भी इंजेक्शन देकर मारा गया। इसके बाद सभी मृत सुअरों को जेसीबी की मदद से गहरे गड्ढे खोदकर दफना दिया गया।

वहीं घटना स्थल के 1 किलोमीटर क्षेत्र को इन्फेक्टेड तो वहीं 10 किलोमीटर क्षेत्र सर्वेलेंस क्षेत्र घोषित किया गया है।
विभाग के अनुसार यह बीमारी केवल सुअरों तक ही सीमित है। यह इंसानों में नहीं फैलती और न ही इंसानों के लिए खतरनाक है। फिर भी सावधानी के तौर पर संक्रमित सुअरों का मांस बिल्कुल नहीं खाना चाहिए। फिलहाल जिला प्रशासन ने इस फार्म हाउस को सील कर दिया है।

प्रशासन इस बात की जांच कर रहा है कि इन सुअरों को कहाँ से लाया गया था और पहले कहाँ-कहाँ भेजा गया था।

 

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