मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में श्रमिक परिवारों को मिली सहायता, डीबीटी से राशि की गई अंतरित
श्रम विभाग की 11 योजनाओं से निर्माण श्रमिकों को मिला लाभ

AINS NEWS गरियाबंद… मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मुख्य आतिथ्य में गरियाबंद के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में श्रम विभाग द्वारा जिले के निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवारों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की 11 योजनाओं के अंतर्गत जिले के 58 हितग्राहियों को कुल 26 लाख 80 हजार रुपये की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खातों में अंतरित की गई।

इनमें मिनीमाता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना, मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना, श्रमिक औजार सहायता योजना, ई-रिक्शा सहायता योजना सहित अन्य कल्याणकारी योजनाएं शामिल है। इस दौरान प्रदेश के 21 जिलों के 1 हजार 792 निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवारों को विभिन्न योजनाओं के तहत कुल 2 करोड़ 25 लाख 18 हजार 389 रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग द्वारा 3 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए तथा गंभीर बीमारियों से पीड़ित 2 हितग्राहियों के सफल उपचार के उपरांत उन्हें शुभकामना संदेश दिए गए। वहीं माटीकला बोर्ड के माध्यम से 6 कुम्हार हितग्राहियों को चाक वितरित किए गए। इसके अलावा प्राकृतिक आपदा से मृत 5 व्यक्तियों के परिजनों को आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई।

–मिनी माता महतारी जतन योजना से कविता ध्रुव को मिली 20 हजार रुपये की सहायता राशि–
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण एवं सामाजिक सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसी क्रम में श्रम विभाग द्वारा संचालित मिनी माता महतारी जतन योजना के तहत गरियाबंद जिले की हितग्राही कविता धु्रव को 20 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। कविता धु्रव ने बताया कि प्राप्त सहायता राशि का उपयोग वे अपने बच्चों के लालन-पालन, देखभाल एवं आवश्यक जरूरतों की पूर्ति में करेंगी। उन्होंने इस सहायता के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं श्रम विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि यह योजना श्रमिक परिवारों की महिलाओं के लिए अत्यंत लाभकारी है, जिससे मातृत्व के दौरान आर्थिक सहायता मिलती है और नवजात शिशु के बेहतर पालन-पोषण में मदद प्राप्त होती है। उन्होंने अन्य पात्र हितग्राहियों से भी योजना का लाभ लेने की अपील की। मिनी माता महतारी जतन योजना का लाभ पंजीकृत निर्माण श्रमिक महिला अथवा पंजीकृत निर्माण श्रमिक की पत्नी को दिया जाता है। इसके लिए हितग्राही का श्रम विभाग में पंजीयन होना आवश्यक है। बच्चे के जन्म के बाद निर्धारित आवेदन पत्र के साथ जन्म प्रमाण पत्र, श्रमिक पंजीयन कार्ड, बैंक खाते की जानकारी एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज संबंधित श्रम कार्यालय या जनपद, श्रम सुविधा केंद्र में जमा किए जा सकते हैं। पात्रता की जांच उपरांत स्वीकृत राशि सीधे हितग्राही के बैंक खाते में अंतरित की जाती है। कविता धु्रव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं को सशक्त, सुरक्षित एवं पोषित बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।




