स्कूली बच्चियों ने महिला को साइबर ठगी से बचाया, पुलिस की साइबर जागरूकता पर लघु फिल्म जारी
बैंक संबंधी जानकारी साझा करना सीधे-सीधे साइबर ठगी का हिस्सा हो सकता है

AINS NEWS गरियाबंद… साइबर अपराधियों के लगातार बदलते हथकंडों के बीच गरियाबंद पुलिस ने लोगों को जागरूक करने के लिए एक बेहद प्रभावशाली और संदेशात्मक लघु फिल्म जारी की है। “जन चेतना से जन सुरक्षा” अभियान के तहत तैयार इस वीडियो का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगों को साइबर ठगी के नए-नए तरीकों से आगाह करना और समय रहते सतर्क रहने का संदेश देना है।

वीडियो की कहानी बेहद सरल,सहज और समाज को आईना दिखाने वाली है।इसमें एक महिला खुशी-खुशी कहीं जाती दिखाई देती है। रास्ते में उसकी मुलाकात दो स्कूली बच्चियों से होती है। बच्चियां जब महिला की खुशी का कारण पूछती हैं तो वह बताती है कि उसके मोबाइल पर एक आकर्षक ऑनलाइन ऑफर आया है। सामने वाले व्यक्ति ने उसे भारी लाभ का लालच दिया है और पैसे उसके खाते में जमा कराने को कहा है। महिला यह भी कहती है कि उसे यह बात किसी को नहीं बतानी है।
यहीं से कहानी नया मोड़ लेती है। दोनों मासूम बच्चियां बड़ी सहजता और समझदारी से महिला को समझाती हैं कि यदि ऐसा ऑफर वास्तव में सही होता तो सिर्फ आपको ही क्यों मिलता? दुनिया में लाखों मोबाइल हैं, हजारों लोग हैं, फिर ऐसा विशेष ऑफर केवल आपके लिए ही क्यों? बच्चियां बताती हैं कि हाल ही में उनके स्कूल में गरियाबंद पुलिस द्वारा साइबर जागरूकता की विशेष कक्षा आयोजित की गई थी, जिसमें पुलिस अधिकारियों ने उन्हें साइबर अपराधियों के नए-नए तरीकों और उनसे बचाव के उपाय बताए थे।
बच्चियां महिला को समझाती हैं कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर पैसे भेजना या बैंक संबंधी जानकारी साझा करना सीधे-सीधे साइबर ठगी का हिस्सा हो सकता है। उनकी समझाइश के बाद महिला अपनी गलती का एहसास करती है और ठगों के जाल में फंसने से बच जाती है।यह लघु फिल्म विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के उन लोगों को ध्यान में रखकर बनाई गई है, जो लालच भरे ऑफर, बैंक लोन, इनाम, केवाईसी अपडेट, बिजली बिल, ऑनलाइन लॉटरी, नौकरी, निवेश और अन्य झूठे प्रलोभनों में फंसकर अपनी मेहनत की कमाई गंवा बैठते हैं।
वीडियो के अंत में स्वयं गरियाबंद पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर छत्तीसगढ़ी भाषा में आम लोगों से सीधे संवाद करते हुए दिखाई देते हैं। वे बेहद सहज और आत्मीय अंदाज में लोगों से अपील करते हैं कि किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में न आएं और किसी भी प्रकार का लालच मिलने पर तुरंत सतर्क हो जाएं।
गौरतलब है कि जब से वेदव्रत सिरमौर ने गरियाबंद जिले के पुलिस अधीक्षक का कार्यभार संभाला है, तब से जिले में साइबर जागरूकता, महिला सुरक्षा, बाल संरक्षण और नशा मुक्ति को लेकर लगातार जनजागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। स्कूलों, कॉलेजों और गांवों में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसी कड़ी में जारी यह लघु फिल्म भी लोगों को यह संदेश देती है कि सतर्कता ही साइबर ठगी से बचने का सबसे बड़ा हथियार है और समय पर पुलिस को सूचना देकर न केवल खुद बल्कि समाज को भी सुरक्षित बनाया जा सकता है।




