अटल जी प्रधानमंत्री नहीं होते तो छत्तीसगढ़ राज्य का उदय नहीं होता – मुरलीधर सिन्हा
श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी को उनके 8 वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धा सुमन अर्पित

AINS NEWS गरियाबंद… भाजपा सहकारिता प्रकोष्ठ छत्तीसगढ़ के प्रदेश सहसंयोजक मुरलीधर सिन्हा ने भाजपा जिला कार्यालय में भारतरत्न, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के पुण्यतिथि के कार्यक्रम में उनके तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित हुए कहा कि यदि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी प्रधानमंत्री नहीं होते तो छत्तीसगढ़ राज्य का उदय नहीं होता ।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य बनाने अनेकों वर्षो से संघर्ष किये । संत कवि पवन दीवान जी ने पृथक छत्तीसगढ़ संगठन बनाकर आंदोलन भी चलाये, वे महासमुंद लोकसभा के सांसद रहते हुए छत्तीसगढ़ राज्य गठन करने की वकालत पुरजोर से करते रहे किन्तु केन्द्र में उनके दल काँग्रेस की सरकार रही फिर भी नहीं सुने । वर्ष 1998 के लोकसभा चुनाव में बड़े दमखम से उठाया गया जब महासमुंद लोकसभा से चन्द्रशेखर साहू जी ने 13 माह के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण करने हेतु सदन में भी अपनी आवाज बुलन्द किये थे जिसमें छत्तीसगढ़ के भाजपा निर्वाचित सांसदों ने समर्थन किये थे लेकिन अल्पमत की केन्द्र गिर गई और मध्यावधि चुनाव आ गया जब चुनाव प्रचार में आये तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने सप्रे शाला मैदान रायपुर के आमसभा में छत्तीगढ़वासियों और भाजपा नेताओं से कहा कि आप छत्तीसगढ़ से 11 लोकसभा सीट में से 11 लोकसभा सीट भाजपा की झोली में दो मैं छत्तीसगढ़ राज्य दूँगा ।
आमचुनाव में 11 में से 10 लोकसभा सीट जीत गये और महासमुन्द लोकसभा सीट भाजपा प्रत्याशी चन्द्रशेखर साहू जी पराजित हो गये । भाजपा गठबन्धन की सरकार बनते ही प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीगढ़वासियों की अपार जनमत भाजपा को मिलने से संविधान में राज्य गठन करने का कानून पास करते ही वर्ष 1 नवम्बर 2000 का वह स्वर्णिम दिन रहा और छत्तीसगढ़ राज्य का उदय हुआ यदि अटल बिहारी वाजपेयी जी प्रधानमंत्री नहीं बनते तो छत्तीसगढ़ राज्य नहीं बनता, श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी को उनके 8 वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धा सुमन अर्पित है ।

भाजपा गरियाबंद जिला के भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरलीधर सिन्हा ने यह भी कहा कि भाजपा कथनी और करनी एक है, यहॉं गारण्टी होने की भी गारण्टी है । मुख्यमंत्री डॉ. रमनसिंह जी छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री बनने के बाद जनता के प्रति जवाबदेही होने का पुख्ता प्रमाण दिए थे वरन दूसरी बार जनमत वर्ष 2008 में मिलने के बाद चहुमुखी विकास होने लगी, गाँव, गरीब किसान, मजदूर, महिलाओं और नौजवानों के लिये बेहतर कार्य हुए ।
किसानों के उपज फसल का वाजिब दाम मिलने लगे, धान खरीदी और भुगतान का समुचित व्यवस्था किया गया, किसानों को भटकना नहीं पड़ा । किसानों को सोसायटियों से मिलने वाले अल्पकालीन ऋण की ब्याज दर में 18 प्रतिशत और दण्ड ब्याज को कम कर दिया गया, बाद में शून्य प्रतिशत ब्याज लगने लगा है, इसी प्रकार गरीबों की भुखमरी को दूर करने 1 रूपये प्रति किलोग्राम में 35 किलोग्राम चांवल और फ्री में दो किलोग्राम नमक दिये जो सदा के लिए गरीबी और भुखमरी समाप्त कर दिये । इस गरीबी दूर होने से एक नाम मिल गया *”चाँउर वाले बाबा”* यह नाम पूरे भारत में छा गया ।
15 अगस्त 2011 के वह शुभ दिन था छत्तीसगढ़ राज्य को एक साथ 9 जिले की घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह जी किये जिसमें गरियाबंद जिला का तोहफा मिला यदि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह जी नहीं होते तो गरियाबंद जिला नहीं मिल पाता । गरियाबंद को जिला बनाने के लिए अनेकों आंदोलन धरना प्रदर्शन पूर्ववर्ती सरकार में होती रही । वर्ष 1998 को अविभाजित मध्यप्रदेश में जिला पुनर्गठन करने सिंहदेव समिति बनी जिसमें धमतरी एवं महासमुन्द जिला बन गया किन्तु गरियाबंद को यहॉं के राजनेताओं ने बनने नहीं दिये । भाजपा नेता मुरलीधर सिन्हा ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी प्रधानमंत्री नहीं होते तो छत्तीसगढ़ राज्य का उदय नहीं होता और डॉ. रमन सिंह जी मुख्यमंत्री नहीं होते तो गरियाबंद जिला नहीं बनते ।
इस अवसर पर भाजपा जिला महामंत्री चन्द्रशेखर साहू, नगरपालिका परिषद गरियाबंद अध्यक्ष रिखीराम यादव, भाजपा जिला प्रवक्ता उपाध्यक्ष पारस ठाकुर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमति लालिमा पारस ठाकुर, नगरपालिका परिषद गरियाबंद उपाध्यक्ष मोहम्मद आसिफ मेमन, भाजपा जिला मंत्री सुरेन्द्र सोनटेके, पूर्व मंडल अध्यक्ष अनूप भोसले, मंडल अध्यक्ष गरियाबंद सुमीत पारख, मंडल बिन्द्रानवागढ़ अध्यक्ष धनराज विश्वकर्मा, मंडल महामंत्री प्रह्लाद सिंह ठाकुर, मंडल महामंत्री धनंजय नेताम, मंडल मिडिया प्रभारी बिन्द्रानवागढ़ पुरूषोत्तम ध्रुव, प्रशान्त मानिकपुरी, शेषनारायण गजभिए, भीम साहू, मुकेश सिन्हा, बेदराम निषाद सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्तागण उपस्थित थे ।




