छत्तीसगढ़

ईडी वाले नोटिस जेब में रखे रहते हैं, जिसे मन आया, उसके नाम से नोटिस, वहीं खड़े-खड़े दे दिया – मुख्यमंत्री बघेल

मारपीट कर रहे हैं, खाना नहीं दे रहे, सोने नहीं दे रहे हैं। ये थर्ड डिग्री टॉर्चर कर रहे हैं वो गलत है

AINS RAIPUR…छत्तीसगढ़ में चल रही प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई और उस पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि, सड़क पर ट्रैफिक पुलिस खड़ी रहती है चालान बुक लेकर। जो भी आए, उसे पकड़े, चालान काटे और अंदर कर दिए। या बोलते हैं कोर्ट में जाकर पटाओ। इसी तरह से ईडी वाले हैं। नोटिस जेब में रखे रहते हैं। जिसे मन आया, उसके नाम से नोटिस, वहीं खड़े-खड़े दे दिया। मुख्यमंत्री बघेल बुधवार को धमतरी रवाना होने से पहले मीडिया से बात कर रहे थे।

हेलीपैड पर मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि, अधिकारी, कर्मचारी और आप भी शासकीय सेवक हैं। यहां जो काम कर रहे, वो भी शासकीय सेवक हैं। उनके साथ मारपीट कर रहे हैं, खाना नहीं दे रहे, सोने नहीं दे रहे हैं। ये थर्ड डिग्री टॉर्चर कर रहे हैं वो गलत है। उसके कारण सभी विभागों के काम प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में भाजपा का जो मूल एजेंडा है, उसकी पूर्ति ईडी कर रही है। यहां सरकार अच्छा काम कर रही है। किसान, आदिवासी, महिला, हर वर्ग सरकार से खुश है। हर वर्ग को लगता है, हमारी सरकार है, हमारे लिए काम कर रही है।

वहीं सीजीपीएससी चयन में गड़बड़ी को लेकर भाजपा के आरोपों पर भी मुख्यमंत्री बघेल ने जवाब दिया। कहा कि, अगर पीएसी के छात्र राजनीतिक परिवार से संबंध रखते हैं, तो ऐसे में उनकी योग्यता पर सवाल उठना दुर्भगायपूर्ण है। उन्होंने कहा कि, अगर चयन में गड़बड़ी है तो तथ्य समाने लाएं, जांच कराई जाएगी। छत्तीसगढ़ के योग्य छात्रों पर सवाल उठाना सही नहीं है। भाजपा शासनकाल में क्या गड़बड़ी होती थी, हर कोई जानता है। भाजपा अब प्रदेश में सिर्फ माहौल खराब करने का काम कर रही है।

 

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