छत्तीसगढ़

ह्यूमन ट्रैफिकिंग (मानव तस्करी) गैंग का भंडाफोड़, 3 नाबालिग बच्चों को मानव तस्करी का शिकार होने से बचा लिया पुलिस ने

बच्चों की निकट की रिश्तेदार ने ही उन नाबालिग बच्चों को बड़े सब्जबाग दिखाकर, बहला-फुसलाकर योजनाबद्ध तरीके से घटना को अंजाम दी थी

AINS NEWS…. जशपुर जिले के पुलिस कप्तान IPS शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में जिला पुलिस ने ह्यूमन ट्रैफिकिंग (मानव तस्करी) गैंग का भंडाफोड़ किया है। पुलिस की सक्रियता से 3 नाबालिग बच्चों को मानव तस्करी का शिकार होने से बचा लिया गया। चौकाने वाला खुलासा तो ये है कि, बच्चों की निकट की रिश्तेदार ने ही उन नाबालिग बच्चों को बड़े सब्जबाग दिखाकर, बहला-फुसलाकर योजनाबद्ध तरीके से घटना को अंजाम दी थी। इस मामले में 1 आरोपी गिरफ्तार हुआ है और अन्य फरार आरोपियों की पतासाजी जारी है। आरोपियों के खिलाफ थाना तपकरा में धारा 363, 365, 366(क), 368, 120(बी), 370 भा.द.वि. के तहत मामला दर्ज किया है।आरोपियों के पास से 10 हजार रू. नगदी, स्कूटी वाहन और 1 नग मोबाईल। जब्त किया गया है।

पुलिस ने बताया कि, 65 वर्षीय प्राथी ने दिनांक 18.04.2024 को थाना में रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसके नाती का करीब 07-08 वर्ष पूर्व एक्सीडेंट होने से मृत्यू हो गई एवं नाती की पत्नी ने अपने पति के देहांत होने के बाद दूसरी जगह शादी कर घर बसा ली। प्रार्थी के नाती के 03 बच्चे हैं, सबसे बड़ी लड़की उम्र 14 साल, मंझली लड़की 12 साल एवं सबसे छोटा लड़का जो 10 साल का है। बड़ी लड़की कक्षा 6वीं तक पढ़ाई करके पढ़ाई छोड़ दी है। उक्त तीनों बच्चे प्रार्थी के बड़े भाई जो जन्म से अपाहिज है उन्हीं के घर में रहते हैं, प्रार्थी एवं परिवार के लोग बीच-बीच में जाकर बच्चों को देख-रेख करते हैं।

दिनांक 12.04.2024 को शाम लगभग 04 बजे प्रार्थी बकरी चराकर वापस अपने घर में आया तो उसकी बहू ने उसे बताया कि उसके तीनों पड़पोते-पोती घर में बिना किसी को बताये कही चले गये हैं। प्रार्थी द्वारा बच्चों की पतासाजी के दौरान उसे गांव के लोगों से पता चला कि तीनों बच्चों को उनके निकट रिश्तेदार के साथ स्कूटी में बैठकर जाते देखना बताया गया। प्रार्थी द्वारा निकट रिश्तेदार है यह सोचकर वह उसी समय उसे फोन नहीं किया। प्रार्थी 03 दिन बाद रिश्तेदार को फोन करके बच्चों के संबंध में पूछा तो वह बच्चों को नहीं जानती हूं, मेरे पास नहीं है बताई। प्रार्थी की उक्त रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

 

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