छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ की जेलों में बंद कैदियों ने त्रिवेणी संगम के पवित्र जल से मंगलवार को किया स्नान

बंदियों को आध्यात्मिक शुद्धि का अनुभव कराना और उनकी मानसिक स्वास्थ्य मे सुधार लाना है उद्देश्य

AINS NEWS… छत्तीसगढ़ की जेलों में बंद कैदियों ने प्रयागराज से लाए गए त्रिवेणी संगम के पवित्र जल से मंगलवार को स्नान किया। राज्य की पांच केंद्रीय जेलों, 20 जिला जेलों और आठ उप जेलों समेत सभी 33 जेलों में आज कैदियों ने स्नान किया। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार और जेल प्रशासन की पहल पर जिला जेल धमतरी में निरूद्ध सभी 239 बंदियों को प्रयागराज महाकुंभ से प्राप्त पवित्र गंगाजल से आज सुबह 8 बजे सामुहिक स्नान कराया गया। सहायक जेल अधीक्षक ने बताया कि इससे पहले गंगाजल का विधि-विधान से पूजा-अर्चना पानी टंकी को फूलों से सजाया गया और उसके बाद गंगाजल को पानी टंकी में समाहित किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य बंदियों को आध्यात्मिक शुद्धि का अनुभव कराना और उनकी मानसिक स्वास्थ्य मे सुधार लाना है।

गंगाजल को भारतीय संस्कृति में पवित्र और शुद्धिकरण का प्रतीक माना जाता है। जेल प्रशासन का मानना है कि गंगाजल से स्नान करने से बंदियों को मानसिक शांति, आध्यात्मिक रूप से मजबूती मिलेगी। साथ ही उनके भीतर आत्म परिवर्तन, सकारात्मक सोच, समाज की मुख्य धारा में जुड़कर बेहतर जीवन जीने की प्रेरणा मिलेगी। इस कार्यक्रम का आयोजन जिला जेल धमतरी में शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से किया गया। इस अवसर पर सहायक जेल अधीक्षक एन.के.डहरिया सहित जेल के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

गृह एवं जेल मंत्री विजय शर्मा की पहल पर जशपुर जिला जेल में ऐतिहासिक महाकुंभ स्नान का आयोजन किया गया। इस दौरान 399 पुरुष और 19 महिला बंदियों कुल 418 बंदियों ने पवित्र स्नान कर आत्मशुद्धि का अनुभव किया।

आज सुबह 9 बजे विधिवत पूजा-पाठ और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ स्नान का शुभारंभ हुआ। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान बंदियों ने अपने पूर्व के कर्मों के प्रति गहरा पश्चाताप व्यक्त किया और जीवन में दोबारा कोई गलती न करने का संकल्प लिया। बंदियों ने इस आयोजन के लिए राज्य सरकार, गृह एवं जेल मंत्री विजय शर्मा और जेल प्रशासन का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि यह स्नान उनके लिए केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और नए जीवन की शुरुआत का अवसर भी है।

इस पहल की सराहना करते हुए भाजपा नेता गोपाल कश्यप ने कहा कि कैदियों के मन में सुधार लाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा में जोड़ने के लिए इस तरह के आध्यात्मिक आयोजन बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि इस तरह के प्रयास भविष्य में भी जारी रहेंगे, जिससे जेल सुधार के क्षेत्र में एक सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।

 

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