क्राइम

दिल्ली से पकड़ लाए 150 करोड़ की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय ‘बंटी-बबली’ गिरोह को

SSP शशिमोहन सिंह की सतर्क निगरानी में जशपुर पुलिस ने किया बड़ा खुलासा

🔵 ठगों ने “राष्ट्रीय ग्रामीण साक्षरता मिशन” के नाम पर देशभर में 150 करोड़ की ठगी को दिया अंजाम

🟢 SSP शशिमोहन सिंह की सतत निगरानी में पुलिस ने दिल्ली जाकर दोनों मुख्य आरोपियों को रची गई रणनीति से पकड़ा

🔴 SDOP पत्थलगांव पर गिरफ्तारी के दौरान हुआ हमला, फिर भी आरोपी को दबोचकर लौट आई जशपुर पुलिस

🟣 आरोपी रत्नाकर व अनीता उपाध्याय के खिलाफ देशभर में 12 से अधिक प्रकरण दर्ज, करोड़ों की संपत्तियों का खुलासा भी जांच में

AINS NEWS… जशपुर जिले की पुलिस ने बुधवार को एक सनसनीखेज ऑपरेशन में 150 करोड़ रुपये की अंतरराज्यीय ठगी का खुलासा करते हुए दो मुख्य आरोपियों — रत्नाकर उपाध्याय और अनीता उपाध्याय — को राजधानी दिल्ली से गिरफ़्तार किया। यह कार्रवाई SSP शशिमोहन सिंह की सतत मॉनिटरिंग में हुई, जिन्होंने इस पूरे अभियान को बेहद पेशेवर ढंग से संचालित करवाया। आरोपी खुद को सरकारी मंत्रालय से जुड़ा बताकर देश के विभिन्न राज्यों में करोड़ों की धोखाधड़ी को अंजाम दे रहे थे।

पत्थलगांव निवासी व्यापारी अमित अग्रवाल की शिकायत पर यह मामला दर्ज हुआ था, जिसमें “राष्ट्रीय ग्रामीण साक्षरता मिशन” के नाम पर स्वेटर सप्लाई कराने के बहाने 5.70 करोड़ रुपए की ठगी की गई थी। विवेचना में पता चला कि यह गिरोह पिछले कई वर्षों से सक्रिय था और दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ सहित 15 राज्यों में एजेंटों के माध्यम से झूठे CSR ऑर्डर का लालच देकर व्यवसायियों से मोटी रकम ऐंठता था।

SSP शशिमोहन सिंह ने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए SDOP धुर्वेश जायसवाल के नेतृत्व में एक विशेष टीम को दिल्ली रवाना किया। पुलिस ने खुद को मंत्रालय का अधिकारी बताकर अनीता उपाध्याय को होटल ताज, चाणक्यपुरी में मीटिंग के लिए बुलाया और उसे हिरासत में लिया। उससे मिली सूचना के आधार पर रत्नाकर की लोकेशन को ट्रैक कर सागरपुर (दिल्ली) से उसे पकड़ा गया। गिरफ्तारी के समय आरोपी ने “अपहरण” का झांसा देकर दिल्ली पुलिस को उलझाने की कोशिश की, लेकिन SDOP जायसवाल ने बहादुरी से मोर्चा संभाले रखा।

पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि रत्नाकर के पास दिल्ली व लखनऊ में करोड़ों की संपत्ति है, जिसमें 24 फ्लैट और लग्ज़री रेंज रोवर कार शामिल हैं। जशपुर पुलिस अब आरोपियों की अचल संपत्तियों की भी जांच कर रही है।

इस शानदार कामयाबी पर रेंज IG दीपक झा ने पूरी पुलिस टीम को नगद पुरस्कार की घोषणा की है। SSP शशिमोहन सिंह द्वारा संचालित यह ऑपरेशन राज्य की अपराध जांच पद्धति में एक नया मानदंड स्थापित करता है।

Related Articles

Back to top button