अमिताभ बच्चन की आवाज अब कॉलर ट्यून के रूप में नहीं सुनी जाएगी, संचार मंत्रालय ने इसे तत्काल प्रभाव से बंद करने का निर्णय लिया
मंगलवार, 24 जून से इसे बंद कर दिया गया है

AINS NEWS… फोन पर साइबर ठगी के प्रति सतर्क करती अमिताभ बच्चन की आवाज अब कॉलर ट्यून के रूप में नहीं सुनी जाएगी। संचार मंत्रालय ने इसे तत्काल प्रभाव से बंद करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय आपातकालीन कॉल्स में हो रही देरी की शिकायतों के आधार पर लिया गया।

अमिताभ बच्चन की आवाज में यह संदेश सुनाई देता था “साइबर अपराधियों से सावधान रहें… OTP साझा न करें…” यह कॉल लगने से पहले हर बार कुछ सेकंड तक चलती थी
21 जून को इंदौर में योगाभ्यास कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को स्थानीय भाजपा नेताओं ने बताया कि कॉलर ट्यून के कारण एम्बुलेंस, पुलिस या फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवाओं में कॉल लगाने में विलंब होता है। इस पर मंत्री ने संज्ञान लेते हुए संचार मंत्रालय की बैठक में यह मुद्दा उठाया। मंगलवार, 24 जून से इसे बंद कर दिया गया है।
जमीनी अनुभव से उठी मांग
पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता ने बताया कि उन्होंने दो बार दुर्घटना के समय एंबुलेंस को कॉल किया, लेकिन कॉलर ट्यून के चलते 5–10 सेकंड की देरी हुई। यह देरी कई बार जानलेवा साबित हो सकती है।
क्या रहे फायदे और सीमाएं?
फायदे (पूर्व) समस्याएं (अब)
साइबर अपराध पर जनजागरूकता आपात कॉल में देरी
अमिताभ जैसी लोकप्रिय आवाज से असर बार-बार सुनने से झुंझलाहट
OTP और लिंक साझा न करने की चेतावनी तकनीकी बाधा की तरह महसूस होना
क्या होगा आगे?
सूत्रों के अनुसार, संचार मंत्रालय अब इमरजेंसी कॉल्स के लिए कॉलर ट्यून स्किप करने या तेज करने का तकनीकी विकल्प तलाश सकता है, ताकि जागरूकता भी बनी रहे और देरी भी न हो।




