छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में लौटी कड़ाके की ठंड, अंबिकापुर में पारा 4.8 डिग्री, 7 जनवरी तक येलो अलर्ट

आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री की और गिरावट हो सकती है

AINS NEWS… इस समय छत्तीसगढ़ का सरगुजा संभाग इस सीजन की ठंड के रिकॉर्ड को फिर से चुनौती दी है। यहाँ न्यूनतम तापमान गिरकर मात्र 4.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। लेकिन ठंड का यह सितम सिर्फ अंबिकापुर तक सीमित नहीं है। पेंड्रारोड, जो अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और पहाड़ी वादियों के लिए जाना जाता है, वहां भी कड़ाके की ठंड ने डेरा डाल दिया है। यहाँ का तापमान 6.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पहाड़ी इलाका होने के कारण यहाँ सुबह और रात के वक्त घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे विजिबिलिटी यानी दृश्यता बेहद कम हो गई है।

मौसम विज्ञान केंद्र ने साफ कर दिया है कि यह ठंड अभी जाने वाली नहीं है। 5 जनवरी से लेकर 7 जनवरी तक, यानी अगले कुछ दिनों के लिए प्रदेश के उत्तरी और मध्य हिस्सों में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री की और गिरावट हो सकती है।

मध्य छत्तीसगढ़ की बात करें तो न्यायधानी बिलासपुर में भी मौसम ने करवट ली है। जो लोग रविवार को थोड़ी राहत महसूस कर रहे थे, सोमवार की सुबह उनके लिए ठिठुरन लेकर आई। यहाँ तापमान 14.4 डिग्री से सीधे लुढ़ककर 12.6 डिग्री पर आ गया। रात में चलने वाली सर्द हवाओं ने बिलासपुर के लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया है। सुबह के वक्त यहाँ हल्का से मध्यम कोहरा देखा गया, जिससे सड़कों पर गाड़ियों की रफ़्तार पर ब्रेक लग गया।

हालांकि, मौसम का एक विरोधाभास भी देखने को मिला। जहाँ उत्तर छत्तीसगढ़ कांप रहा है, वहीं दुर्ग में अधिकतम तापमान 30.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो दिन के वक्त थोड़ी गर्मी का अहसास कराता है, लेकिन रात होते ही वहां भी पारा गिर रहा है।

प्रशासन और मौसम विभाग ने इस बदलते मौसम को देखते हुए एक एडवाइजरी भी जारी की है। कोहरे के कारण सड़कों पर दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है, इसलिए वाहन चलाते समय फॉग लाइट्स का इस्तेमाल करें और गति धीमी रखें। बच्चों और बुजुर्गों को इस जानलेवा ठंड से बचाने के लिए ऊनी कपड़ों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है। साथ ही अनावश्यक यात्रा से बचने और शरीर को गर्म रखने के लिए गर्म पेय पदार्थों के सेवन की बात कही गई है। कुल मिलाकर, अगले तीन दिन छत्तीसगढ़ के लिए भारी रहने वाले हैं। शीतलहर का यह प्रकोप अभी जारी रहेगा।

 

 

 

Related Articles

Back to top button