छत्तीसगढ़

बुढ़ापे में नहीं छिनेगा सम्मान, वरिष्ठ नागरिकों को बताए गए उनके कानूनी अधिकार

वरिष्ठ नागरिक ने अपनी संपत्ति बच्चों को इस शर्त पर उपहार में दी थी कि वह बुढ़ापे में उनकी देखभाल करेंगे

AINS NEWS… नालसा एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशानुसार जागृति योजना 2025 के तहत वरिष्ठ जन अधिकार सशक्तिकरण और गरिमा थीम पर आधारित विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस परिप्रेक्ष्य में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर के तत्वाधान में तालुका विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री बी आर साहू के कुशल मार्गदर्शन एवं कु खुशबू जैन न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी जिला गरियाबंद की उपस्थिति में वरिष्ठ जनों के लिए उनके अधिकारों सशक्तिकरण और गरिमा एवं न्याय तक उनकी पहुंच सुलभता पर आधारित विशेष जागरूकता अभियान में ग्राम भिलाई स्थित सियान सेवा सदन वृद्धाश्रम में आयोजित किया गया

शिविर में उपस्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश गरियाबंद श्री बी आर साहू के कुशल मार्गदर्शन एवं कु खुशबू जैन न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी जिला गरियाबंद द्वारा वरिष्ठ जनों से चर्चा करते हुए बताया कि 60वर्षों से अधिक आयु अर्थात् वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण भरण पोषण और सुरक्षा के लिए कई कानूनी और संवैधानिक अधिकार प्रदान किए गए हैं जिसमें प्रमुखता से माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण पोषण तथा कल्याण अधिनियम 2007 है जो उन्हें बच्चो या रिश्तेदारों से कानून रूप से भरण पोषण और संपत्ति की सुरक्षा का अधिकार देता है ।

कानूनी उत्तराधिकारी अपने वरिष्ठ नागरिकों की बुनियादी जरूरत जैसे भोजन, स्वास्थ्य और आवास का खर्च उठाने के लिए कानूनी रूप से बाद्ध हैं यदि बच्चों के द्वारा माता-पिता की देखभाल नहीं की जा रही है तो वरिष्ठ नागरिक सीधे एसडीएम या जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता वाले न्यायाधिकरण में सीधा शिकायत दर्ज कर सकते हैं तथा किसी वरिष्ठ नागरिक ने अपनी संपत्ति बच्चों को इस शर्त पर उपहार में दी थी कि वह बुढ़ापे में उनकी देखभाल करेंगे और बाद में उन्हें बच्चे प्रताड़ित करते हैं तो वह अपने संपत्ति को वापस प्राप्त कर सकते हैं। राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों को चिकित्सा सहायता के लिए यथासंभव प्रयास करेगी और उन्हें निशुल्क चिकित्सा के सुविधा प्रदान करेगी।

 

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