केशकालछत्तीसगढ़

फायनेन्स कंपनी से प्रताड़ित साधुराम नेताम को न्याय एवं राहत की है दरकार

महेन्द्रा फाईनेन्स कंपनी की रंगदारी ....ट्रैक्टर भी गया व जमा राशि भी गई...दर दर भटकने मजबूर ....साधुराम नेताम

AINS NEWS 24X7 केसकाल /विश्रामपुरी………. पुलिस तथा प्रशासन के संवेदनहीन उपेक्षा पूर्ण रवैय्या के चलते कोंडागांव जिला के बडेराजपुर ब्लाक के ग्राम -बडेराजपुर – पांडेपारा निवासी साधुराम नेताम पिछले दस वर्ष से इंसाफ की याचना करते दर दर भटकते हताश निराश होकर केसकाल के कुछ मीडिया वालों के पास पहुंचकर अपने उपर घटित घटनाओं से अवगत कराया

साधुराम नेताम गोंड जाति का आदिवासी किसान है, जिसने महेंद्रा ट्रैक्टर कोंडागांव शो रूम से खरीदा था और महेंन्द्रा फायनेंस कम्पनी से फायनेन्स करवाया था । साधुराम लगातार अपनी किस्त पटा रहा था, मात्र आखरी 3 किस्त किसी कारणवश नहीं पटा पाया था ….

एक दिन अचानक दो तीन लोग साधुराम के घर आये और बीमा कम्पनी वाले हैं कहकर ट्रैक्टर को देखने की बात कहकर बगैर कुछ बताये ट्रैक्टर लेकर चलते बने …
जिसके बाद से सुखराम फायनेन्स कम्पनी वाले के पास चक्कर काटना और पुलिस थाना विश्रामपुरी पंहुचकर लिखीत शिकायत पत्र देकर न्याय दिलाने की याचना किया …
पर लगभग 10 वर्ष बीत गया किसी ने भी नेताम को न्याय दिलाने की तरफ गंभीरता से ध्यान नहीं दिया फलस्वरूप साधुराम नेताम दर दर भटकने मजबूर हो रहा है….
किसी शख्स ने उसे बताया की केशकाल जाकर मीडिया वालो से संपर्क कर पूरी जानकारी देने कहा, तब केसकाल में पहुंचकर अपने उपर बीती घटना की जानकारी दी
बड़ी उम्मीद संजोय साधुराम नेताम केसकाल पंहुचकर जानकारी दी , तब उसके समस्या और दुख को जाना समझा तो बहुत दुख हुआ , पर 10 वर्ष पहले का मामला होने से मीडिया कर्मी भी हैरत में पड़ गए कि – 10 साल बीत जाने के बाद अब क्या- कैसे किया जाये…
नि:संदेह आदिवासी किसान साधुराम नेताम के साथ महेंन्द्रा फायनेंस वालों ने नियम, कानून एवं इंसानियत को दरकिनार रखते हुए बहुत ग़लत किया ..
उस वक्त बिश्रामपुरी पुलिस चाहती तो कानूनी कार्रवाई कर के साधुराम को न्याय एवं राहत दिला सकती थी …
पर पुलिस ने महज खानापूर्ति कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली
और साधुराम नेताम को जो भी मिला वो उसकी सहजता, सज्जनता, अज्ञानता के कारण और उन्हें भ्रमित ही किया…
साधुराम नेताम की व्यथा कथा, फाईनेन्स कंपनी वालों की गुंडागर्दी  को उजागर मीडिया के मध्यम से किया है .
अब देखना है कि गरीब आदिवासी किसान साधुराम नेताम को कब मिलेगा न्याय

 

Related Articles

Back to top button