छत्तीसगढ़

धर्मांतरण से जुड़ा विवाद, पुलिस टीम पर भी हमला 22 पुलिसकर्मी घायल

उग्र भीड़ ने पत्थरबाजी, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं को अंजाम दिया

AINS NEWS… कांकेर जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र में धर्मांतरण से जुड़ा विवाद एक बार फिर हिंसक रूप में सामने आया। ग्राम बड़े तेवड़ा में धर्मांतरित व्यक्ति के शव को दफनाने को लेकर उपजे विवाद ने गुरुवार को उग्र रूप ले लिया। ग्रामीणों के विरोध के बाद प्रशासन ने विधिक प्रक्रिया के तहत शव को कब्र से बाहर निकलवाया, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया। शव निकाले जाने के दौरान और उसके बाद उग्र भीड़ ने पत्थरबाजी, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं को अंजाम दिया।

हालात काबू में करने पहुंची पुलिस टीम पर भी हमला किया गया, जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंतागढ़ आशीष बंछोर सहित 22 पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायल एएसपी को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है। घटना के दौरान ग्राम बड़े तेवड़ा में स्थित चर्च में जमकर तोड़फोड़ की गई और आगजनी की घटना भी सामने आई। हालात बिगड़ते देख पुलिस बल की संख्या बढ़ाई गई और पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। बड़े तेवड़ा में बवाल के बाद भीड़ के आमाबेड़ा स्थित अन्य चर्च की ओर बढ़ने की सूचना से प्रशासन में हड़कंप मच गया।

मौके पर पुलिस के आला अफसर 

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बस्तर आईजी सुंदरराज पी, डीआईजी कांकेर अमित तुकाराम कांबले, कांकेर कलेक्टर नीलेश महादेव क्षीरसागर और पुलिस अधीक्षक कांकेर इंदिरा कल्याण एलीसेला मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए गए।

चारामा क्षेत्र में भी विरोध

इधर, धर्मांतरित व्यक्ति के शव को चारामा के कब्रिस्तान में दफन किए जाने की सूचना के बाद चारामा क्षेत्र में भी विरोध देखने को मिला। सर्व समाज हिन्दू संगठन के कार्यकर्ता कब्रिस्तान के सामने एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन करते नजर आए। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाल लिया।प्रशासन के अनुसार शव निकाले जाने के बाद ग्रामीणों का आक्रोश धीरे-धीरे शांत हुआ और लोग अपने घरों की ओर लौटने लगे। फिलहाल आमाबेड़ा और आसपास के क्षेत्रों में हालात नियंत्रण में बताए जा रहे हैं, लेकिन एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात है।

गौरतलब है कि कांकेर जिले में पिछले दो महीनों के भीतर शव को कब्र से निकालने की यह तीसरी बड़ी घटना है। बार-बार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने जिले में कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द को लेकर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है। प्रशासन का कहना है कि शांति बनाए रखने के लिए सभी पक्षों से संवाद किया जा रहा है और पूरे घटनाक्रम पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

 

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